इंद्रलोक अग्निकांड! प्रशासनिक लापरवाही के कारण तीन निर्दोष लोगों की जान चली गई… क्या प्रशासन मैंग्रोव वन में अवैध झोपड़ियों को संरक्षण दे रहा है? मंत्री प्रताप सरनाइक तुरंत मौके पर पहुंचे और आयुक्त एवं तहसीलदार को खरी-खोटी सुनाई!

 

प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा एक भू-माफिया रैकेट?

सुनील अग्रवाल 
11 अप्रैल, 2026

इंद्रलोक अग्निकांड! प्रशासनिक लापरवाही के कारण तीन निर्दोष लोगों की जान चली गई…
क्या प्रशासन मैंग्रोव वन में अवैध झोपड़ियों को संरक्षण दे रहा है? मंत्री प्रताप सरनाइक तुरंत मौके पर पहुंचे और आयुक्त एवं तहसीलदार को खरी-खोटी सुनाई!

भयंदर पूर्व:


कल रात भायंदर पूर्व के इंद्रलोक फेज 3 इलाके में सिलेंडर विस्फोट के कारण लगी आग महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि नगर प्रशासन और राजस्व विभाग की भ्रष्ट लापरवाही का क्रूर परिणाम है। इस भयावह हादसे में 3 लोगों की जान चली गई। घटना की सूचना मिलते ही महाराष्ट्र राज्य के परिवहन मंत्री और धाराशिव जिले के पालक मंत्री प्रताप इंदिराबाई बाबूराव सरनाइक तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ितों के परिवारों को न्याय दिलाने का संकल्प व्यक्त किया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जान गंवाने वाले निर्दोष बच्चों और एक व्यक्ति के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए मंत्री प्रताप सरनाइक ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक प्रस्ताव प्रस्तुत करेंगे ताकि उन्हें सरकार से उचित वित्तीय सहायता मिल सके। मंत्री प्रताप सरनाइक ने इस अवसर पर दृढ़ संकल्प व्यक्त किया कि वे प्रशासनिक लापरवाही के कारण आम जनता को मरने नहीं देंगे और इंद्रलोक क्षेत्र में संचालित इस अवैध साम्राज्य को पूरी तरह से उखाड़ फेंकने तक चैन से नहीं बैठेंगे।
प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा एक भू-माफिया रैकेट?

जिस इलाके में यह घटना घटी, वह निजी संपत्ति है और मैंग्रोव क्षेत्र के अंतर्गत आता है। नियमों के अनुसार यहाँ निर्माण की अनुमति नहीं है, फिर भी भू-माफियाओं ने मैंग्रोव काटकर यहाँ अवैध बस्तियाँ बसा ली हैं। कमलेश गुप्ता नाम के एक व्यक्ति ने यहाँ अवैध रूप से झोपड़ियाँ बनाकर गरीबों से मनमानी किराया वसूली थी और अवैध बोरवेल व बिजली कनेक्शन भी मुहैया कराए थे। 23 सिलेंडरों का विस्फोट इस इलाके में चल रहे बड़े पैमाने पर अवैध धंधों का जीता-जागता उदाहरण है।
तहसीलदार और कमिश्नर से ‘कठोर शब्दों’ में बात की गई

इस विकट स्थिति पर आक्रोश व्यक्त करते हुए मंत्री प्रताप सरनाइक ने मीरा-भयंदर नगर निगम आयुक्त और स्थानीय तहसीलदार को कड़ी फटकार लगाई।
“बार-बार शिकायतें मिलने के बावजूद प्रशासन ने इन अवैध निर्माणों को क्यों नजरअंदाज किया? आज अधिकारियों की मिलीभगत से तीन लोगों की जान चली गई। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह जिम्मेदार है,” सरनाइक ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा। उन्होंने मामले की गहन जांच करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और सभी अवैध बस्तियों को तुरंत ध्वस्त करने का निर्देश भी दिया।
घुसपैठ की आशंका होने पर पुलिस ने सख्त निर्देश जारी किए।
हालांकि इस दुर्घटना में मारे गए लोग पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के प्रतीत होते हैं, लेकिन उनके बांग्लादेशी घुसपैठिए या रोहिंग्या होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मीरा-भयंदर शहर में बढ़ती घुसपैठ सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर है, और पुलिस को ऐसी अवैध झुग्गियों की छापेमारी करके घुसपैठियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। मंत्री सरनाइक ने पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं।
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